गुच्छी मशरूम एस्कोमाइकोटा के परिवार मोरचेलासी के मशरूम की एक प्रजाति है। भारत में ये हिमायलन पहाड़ियों पर पाए जाते हैं। ये बड़े-बड़े गड्ढों के साथ पीले रंग के होते हैं। अपने स्वाद के अलावा, गुच्छी की खेती में आने वाली चुनौतियों के कारण ये बहुत मंहगे होते है। दरअसल इस मशरूम की खेती व्यावसायिक रूप से नहीं की जा सकती है और निम्न तापमान क्षेत्रों और पहाड़ों जैसे कि हिमाचल प्रदेश, उत्तरांचल और जम्मू और कश्मीर में तलहटी में विकसित होती है। इसके बाद ग्रामीणों को इन मशरूम को इकट्ठा करने, उन्हें सुखाने और उन्हें बाजार में लाने में महीनों लग जाते हैं। ये मशरूम आमतौर पर लकड़ी, पत्तियों या मिट्टी के उथले जहगों पर गुच्छों में उगते हैं। साथ ही एक बार तोड़ने के बाद अगले सीजन में वो उसी जगह फिर से उग जाया करते हैं। पर इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं।

गुच्छी मशरूम के औषधीय गुण

आयुर्वेद में मशरूम को स्वास्थ्य लाभ से परिपूर्ण माना गया है। ये पोटेशियम, विटामिन और आयरन में समृद्ध हैं। वे भी कई बी-विटामिनों के अलावा विटामिन डी का एक समृद्ध स्रोत हैं, जो कि शरीर के लिए कई बीमारियों से बचा सकता है। यह एंटीऑक्सिडेंट से भी समृद्ध है, जो हृदय रोगों और मधुमेह सहित स्वास्थ्य के मुद्दों को रोकता है। वहीं इसे कई तरह के जड़ीबूटियों को बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है।

कैसे ठीक करता है आपका खराब मूड और तनाव

गुच्छी मशरूमों में सबसे अधिक मात्रा में विटामिन-डी होता है। कच्चे गुच्छी के 100 ग्राम में 206 IU या 34% दैनिक आवश्यक विटामिन-डी का स्तर, ज्यादातर एर्गोकैल्सीफेरोल (vit.D-2) के रूप में होता है। यह फैट में घुलनशील विटामिन को हड्डियों के विकास और कैल्शियम चयापचय में इसकी भूमिका को सही करके हार्मोन के रिलीज को सही कर सकता है। वहीं इसका प्रभाव विभिन्न एंजाइमों पर भी होता है, जो मस्तिष्क को शांत कर सकते हैं।

कैसे खाएं गुच्छी मशरूम

आप तनाव को कम करने के लिए रात में सोने से पहले एक गिलास दूध के साथ एक गुच्छी मशरूम खा सकते हैं। ये आपको बेहतर नींद देगा, जिससे आप कम स्ट्रेसफुल महसूस करेंगे। गुच्छी मशरूम को रोज नियमित तौर पर खाने से ये आपके मूड स्विंग्स और क्रेविंग को भी नियंत्रित कर सकता है। इसे आप गुच्छी पुलाव, सब्जी और ड्रिंक में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। कुछ नहीं तो आप इसे ड्राई फ्रूट्स के रूप में खा सकते हैं।

गुच्छी मशरूम के फायदे

गुच्छी मशरूम, ताजे या सूखे किसी भी रूप में कम कैलोरी वाले मशरूम होते हैं। इसका 100 ग्राम सिर्फ 31 कैलोरी दे जाते हैं। वजन को ध्यान में रखने वाले लोग भी इसे खा सकते हैं। ये एंटीऑक्सिडेंट, आवश्यक खनिजों और विटामिनों के लाभकारी स्वास्थ्य के शानदार स्तर के साथ संपन्न हैं। वहीं इसके न्यूट्रिशनल वैल्यू की बात करें, तो इनमें 100 ग्राम कच्चे नैतिक पदार्थ क्रमशः

  • -69% कॉपर
  • -152% ऑयरन
  • – 26% मैंगनीज
  • -18% जिंक होता है।

न्यूरोट्रांसमिशन के लिए कॉपर की भूमिका

कॉपर आवश्यक ट्रेस तत्व में से एक है जो सेलुलर चयापचय में शामिल कई ऑक्सीडेटिव एंजाइमों के लिए सह-कारक के रूप में कार्य करता है। यह रक्त कोशिका उत्पादन (हेमटोपोइजिस) और न्यूरोट्रांसमिशन के लिए भी आवश्यक है।

फॉस्फोरस और कैल्शियम से भी है भरपूर

100 ग्राम गुच्छी मशरूम में 194 मिलीग्राम या 28% आरडीआई फॉस्फोरस और 43 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। हड्डियों और दांतों की वृद्धि और विकास के लिए रक्त में पर्याप्त कैल्शियम, फास्फोरस और विटामिन-डी का स्तर महत्वपूर्ण है।

सेलुलर मेटाबोलिज्म में भी फायदेमंद

वहीं जिंक आवश्यक पोषक तत्व है जो सेलुलर मेटाबोलिज्म, म्यूकोसल उत्थान, प्रतिरक्षा और प्रजनन अंग वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अतिरिक्त, ये मशरूम विटामिन के बी-कॉम्प्लेक्स समूह, राइबोफ्लेविन, पैंटोथेनिक एसिड और विटामिन बी -6 का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं। कुल मिलाकर, ये विटामिन मानव शरीर के अंदर सेलुलर सब्सट्रेट चयापचय के दौरान एंजाइमों के लिए सह-कारक के रूप में काम करते हैं।